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Tuesday, 6 October 2015
Thursday, 1 October 2015
SWADESHI CHIKITSA SHIBIR AHMEDABAD MP3
MP3 SUNANE KE LIYE UPAR CLIK KARE
BY : SHRI SACHCHAY MATA BHAKT MANDAL
VENUE: OSHVAL BHAVAN ,SHAHIBAG , AHMEDABAD
DATE: 25/26/27-09-2015
DATE: 25/26/27-09-2015
Friday, 11 September 2015
स्वदेशी चिकित्सा शिबिर ,अहमदाबाद में आपको हार्दिक निमंत्रण
श्री सचियाई माता भक्त मंडल की और से आयोजित स्वदेशी चिकित्सा शिबिर ,( राजीव दीक्षित मेमोरिअल स्वदेशी उत्थान संस्था ,वर्धा द्वारा संचालित )का आयोजन हो रहा है , राजीव दीक्षित स्वदेशी संस्था (अहमदाबाद ) की और से आप सभी को २५/२६/२७ सप्टेम्बर को ओश्वाल भवन , शाहीबाग,अहमदाबाद में आमंत्रित किया जा रहा है ,
संस्था द्वारा आयोजित शिबिरे सम्पूर्ण भारतीय चिकित्सा पद्धति के आधार पे निर्धारित होती है , इसमें आपके खाने पिने के बारेमे , उठने बैठने के बारेमे , कब क्या खाना चाहिए , क्या नहीं खाना चाहिए , किसके साथ क्या नहीं खाना चाहिए , क्या करे तो बीमार हि न पड़े , फिर भी अगर बीमार पड गए तो अपने रसोई घर में से हि अपनी दवाई खुद कर सके इसके लिए पूरी जानकारी दी जाती है ,
हमारा देश १९४५ में आजाद हो गया पर हम अपनी खुद की चकित्सा पध्धति नहीं अपना पाए ये बड़ी दुःख की बात है , हम विदेशी चिकित्सा पद्धति ओ से काम चलाते रहे , नतीजा ये है की देश में अस्पतालों की संख्या ,डॉक्टरो की संख्या , दवाईओ की संख्या बहोत बढ़ गई मगर तकलीफ तब होती है जब पता चला की दर्दी ओ की संख्या और बीमारियो की संख्या उससे कई गुना ज्यादा तेजी से बढ़ी , तब लगा की हम कही गलत दिशामे जा रहे है , देश में अगर डॉक्टर , हॉस्पिटल , और दवाइयाँ बढे तो दर्दी और बीमारियो की संख्या कम होनी चाहिए थी , मगर यहाँ तो बिलकुल उल्टा चित्र नजर आता है , तब जाके हमारा ध्यान भारतीय चिकित्सा पद्धति पे पड़ा और पता चला की हमारे पास दुनिया का सबसे बड़ा घ्यान का भंडार आयुर्वेद होते हुए भी हम विदेशी ताकतों के ऊपर ध्यान केंद्रित करके बेठे है ये हमारी मूर्खता नहीं तो और क्या है ?तब जाके हमने समाज को भारतीय चिकित्सा पध्धति जो अपनी है ,अपने पूर्वजो की देन है उसे बताना शुरू किया , और सबसे अछे परिणाम भी मिले ,
आप भी एसी स्वदेशी चिकित्सा शिबिरो का आयोजन करे ,अपने समाज में , अपनी संस्थामे , कोलोनी में ,और देश और लोगो को स्वस्थ करने में योगदान दे ...आप इस शिबिर में जरुर आये और अपने समाज के प्रतिनिधियो को भी लाए ,इसका आयोजन दिखाए ,ताकि आपके मन में शिबिर के बारेमे कोई प्रश्न ना रहे ,
श्री राजीव दीक्षित स्वदेशी संस्था (अहमदाबाद)
Monday, 31 August 2015
રાજીવ દિક્સીત જી ની બધીજ MP3 , राजीव दीक्षित जी के सारे व्याख्यान
Saturday, 22 August 2015
Hand Oil Press, Manual oil expeller
Tuesday, 18 August 2015
स्नायु संस्थान की कमजोरी
स्नायु संस्थान की कमजोरी
बनारसी आंवले का मुरब्बा एक नंग अथवा निचे लिखी विधि से बनाया गया बारह ग्राम ( बच्चों के लिए आधी मात्रा ) ले ! प्रातः खली पेट खूब चबा चबा कर खाने और उसके एक घंटे बाद तक कुछ भी न लेने से मस्तिष्क के ज्ञान तंतुओ को बल मिलता है और स्नायु संस्थान ( Nervous system) शक्तिशाली बनता है |
विशेष - गर्मी के मोसम में इसका सेवन अधिक लाभ कारी है |
निषेध - मधुमेह के रोगी इसे ना ले |
आंवला मुरब्बा बनाने की सर्वोत्तम विधि : ५०० ग्राम स्वच्छ हरे आंवले के गुदे को गुठली निकालके पिस के कांच के बर्तन में भर दे , उसमे उतना शहद मिलाए की गुदा शहद में तर हो जाये ( डूब जाये ), उस बर्तन को १० दीन तक रोज ४-५ घंटे धुप में रखे , इस प्रकार प्राकृतिक तरीकेसे मुरब्बा बन जायेगा ,
सेवन विधि : रोज प्रातः खाली पेट डॉ चम्मच बुराब्बा ३-४ सप्ताह तक नाश्ते के रूपमे ले विशेष कर गरमीयोमे ( मार्च, अप्रैल , और सप्टेम्बर, ओक्टोबर ) ले .
લેબલ્સ:
स्वदेशी चिकित्सा के उपाय
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